
कांकेर। जिले के दुर्गुकोंदल क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी नौकरी का झांसा देकर एक युवती को न सिर्फ झारखंड ले जाया गया, बल्कि उसे बंधक बनाकर पैसे भी वसूले गए। इस पूरे मामले में पीड़िता ने अपनी ही सहेली पर ठगी और साजिश का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय युवती को उसकी सहेली देवकुमारी मंडावी ने बलरामपुर में भृत्य (चपरासी) पद पर भर्ती का झांसा दिया था। व्हाट्सएप पर फर्जी विज्ञापन और दस्तावेज भेजकर उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। लेकिन जब पीड़िता बस में सवार हुई, तो उसे पता चला कि उसे बलरामपुर नहीं बल्कि झारखंड के गढ़वा ले जाया जा रहा है।
कमरे में बंद कर वसूले पैसे, मोबाइल भी छीना
घटना 6 मई 2026 की बताई जा रही है। पीड़िता के अनुसार, गढ़वा पहुंचते ही दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया। वहां उससे 10,000 रुपये भी छीन लिए गए और उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया। आरोप है कि उसे डराने के लिए उसका वीडियो भी बनाया गया।
किसी तरह परिजनों को सूचना मिलने के बाद झारखंड पुलिस की मदद से युवती को सुरक्षित मुक्त कराया गया। पुलिस ने पीड़िता के 10,000 रुपये भी वापस दिलाए।
30–35 युवाओं के फंसे होने का गंभीर दावा
पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ कांकेर सांसद और कलेक्टर को आवेदन देकर न्याय की मांग की है। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि झारखंड के गढ़वा जिले में कांकेर और धमतरी क्षेत्र के लगभग 30 से 35 युवक-युवतियां अभी भी फंसे हुए हैं, जिनके साथ किसी भी समय गंभीर घटना हो सकती है।
प्रशासन में हड़कंप, जांच की मांग
मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है। पीड़िता ने सांसद भोजराज नाग से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी। सांसद ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नाम पर फंसाया जाना चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को सही अवसर न मिलने के कारण वे ऐसे फर्जी नेटवर्क का शिकार बन रहे हैं और मामले को लेकर सरकार को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश की जा रही है।




