आवारा कुत्तों का आतंक: डेढ़ साल की मासूम को नोंच-नोंचकर मार डाला
कर्नाटक में आवारा कुत्तों का आतंक: रायचूर में डेढ़ साल की मासूम को नोंच-नोंचकर मार डाला, परिवार में मचा कोहराम

रायचूर। कर्नाटक के रायचूर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां आवारा कुत्तों के झुंड ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची पर इतना खौफनाक हमला किया कि उसकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रायचूर जिले के सिंदनूर तालुक के हंचिनल कैंप की है। यहां रहने वाले रजाकसाब की डेढ़ साल की बेटी अपने घर के बाहर निकली थी। इसी दौरान अचानक 4 से 5 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। मासूम के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक कुत्ते उसे गंभीर रूप से घायल कर चुके थे।
कई जगह काटा, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ दिया दम
हमले के बाद परिजन और स्थानीय लोग बच्ची को तुरंत अस्पताल लेकर रवाना हुए। हालांकि, उसकी हालत बेहद गंभीर थी। अधिकारियों के मुताबिक, शरीर पर कई गहरे जख्म होने और अत्यधिक खून बहने के कारण बच्ची ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग भी घटना से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, स्थानीय प्रशासन से भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
देश के कई राज्यों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर ऐसे हमले सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या और उनके नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था न होने के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
प्रशासन से उठी सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी संख्या नियंत्रित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी इस तरह के दर्दनाक हादसे हो सकते हैं।



