
कोरबा। कोरबा पुलिस ने फर्जी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह कम ब्याज पर आसान लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर रकम वसूलता था, लेकिन न तो लोन उपलब्ध कराया जाता था और न ही जमा की गई राशि वापस की जाती थी।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 22 वर्षीय महिला आरोपी प्रियंका कलसे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को आकर्षक लोन ऑफर का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। पीड़ितों से विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी और उसके बाद संपर्क तोड़ दिया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
जांच एजेंसियां बैंक खातों में हुए लेन-देन, डिजिटल उपकरणों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर यह पता लगाने में लगी हैं कि ठगी का पैसा कहां-कहां भेजा गया और गिरोह में किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर लोन दिलाने के नाम पर अग्रिम राशि, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क जमा करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।




