
तिल्दा-नेवरा। हिंदू पंचांग के अनुसार अगस्त के अंतिम दिनों से सितंबर के शुरुआती सप्ताह तक अनेक महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार मनाए जाएंगे। इस दौरान कजली तीज, संकष्टी चतुर्थी, रक्षा पंचमी, कमरछठ, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, अजा एकादशी, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, श्राद्ध अमावस्या और पोला सहित कई प्रमुख पर्व पड़ रहे हैं। श्रद्धालु अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार इन पर्वों पर व्रत, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान करेंगे।
📅 प्रमुख व्रत एवं त्योहार
🌞 31 अगस्त, सोमवार
कजली तीज, बहुला चतुर्थी एवं श्री संकष्टी चतुर्थी व्रत रहेगा। इस दिन चंद्र दर्शन का समय रात्रि 8:14 बजे बताया गया है।
🌅 1 सितंबर, मंगलवार
रक्षा पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।
🌅 2 सितंबर, बुधवार
कमरछठ एवं हल षष्ठी का पर्व रहेगा। विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संतान की सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना के लिए व्रत-पूजन किया जाता है।
🪷 4 सितंबर, शुक्रवार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन होंगे। पंचांग स्रोत भी 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी की तिथि बताते हैं।
🌅 5 सितंबर, शनिवार
गुग्गा नवमी का पर्व मनाया जाएगा।
🌅 7 सितंबर, सोमवार
श्री अजा एकादशी व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा एवं व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।
🌅 8 सितंबर, मंगलवार
बछ बारस एवं प्रदोष व्रत रहेगा।
🌅 9 सितंबर, बुधवार
मास शिवरात्रि व्रत मनाया जाएगा। श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर व्रत रखेंगे।
🌷 10 सितंबर, गुरुवार
श्राद्ध अमावस्या एवं पोला पर्व मनाया जाएगा। ग्रामीण अंचलों में पोला पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
🌷 11 सितंबर, शुक्रवार
स्नान-दान अमावस्या का पर्व रहेगा। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार अमावस्या तिथि प्रातः 8:56 बजे तक रहेगी।
🙏 श्रद्धालुओं में उत्साह
लगातार पड़ रहे इन व्रत एवं त्योहारों को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल रहेगा। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक आयोजन होंगे। वहीं परिवारों में भी पर्वों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
नोट: व्रत, पूजा और चंद्र दर्शन के सटीक समय में स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग/पंडित से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।



