
Raipur News: रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-6 अंतर्गत रावतपुरा फेस-2 में कथित अवैध और अनुमति के विपरीत निर्माण को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की है। निगम की ओर से निर्माण कार्य से जुड़े करीब 113 बिल्डरों और निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। नोटिस में निर्माण कार्य रोकने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 307(3) का उल्लेख करते हुए संबंधित निर्माण को लेकर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में निर्माण गतिविधियां जारी रहने की शिकायतों के बाद निगम की कार्रवाई और फील्ड मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पहले नोटिस के बाद भी नहीं रुका मामला
नगर निगम के दस्तावेजों के मुताबिक, संबंधित निर्माणकर्ताओं को इससे पहले भी नोटिस जारी किया जा चुका है। पहले नोटिस में बिना अनुमति अथवा अनुमति के विपरीत निर्माण कार्य किए जाने का उल्लेख किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने अथवा समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में निगम ने नियमानुसार निर्माण हटाने की चेतावनी दी थी।
इसके बाद जारी दूसरे नोटिस में भी कहा गया है कि प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं है और निर्माण छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956, छत्तीसगढ़ भू-विकास नियम 1984 एवं नगर विकास योजना रायपुर में निर्धारित प्रावधानों और मापदंडों के अनुरूप नहीं पाया गया है।
निगम ने संबंधित पक्ष को निर्माण कार्य स्वयं हटाने और इसकी लिखित सूचना देने के लिए समय दिया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि समयावधि में कार्रवाई नहीं होने पर निगम बिना अतिरिक्त सूचना के निर्माण हटाने की कार्रवाई कर सकता है और इस पर होने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूल किया जाएगा।
नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहने का आरोप
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद क्षेत्र में निर्माण से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं। लोगों के मुताबिक, मौके पर अब भी निर्माण कार्य चलता दिखाई दे रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि निर्माण को लेकर निगम पहले ही नोटिस जारी कर चुका है, तो उसके बाद मौके पर लगातार निगरानी क्यों नहीं की जा रही है।
हालांकि, निर्माण कार्य जारी रहने के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति के नाम की चर्चा
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर एक कांग्रेस नेता के भाई का नाम भी चर्चा में होने की बात सामने आई है। राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति का नाम चर्चा में आने के बाद यह मामला और सुर्खियों में है।
हालांकि, संबंधित व्यक्ति की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इस दावे की पुष्टि संबंधित पक्ष के बयान के बिना नहीं की जा सकती।
निगम की मॉनिटरिंग पर उठ रहे सवाल
रावतपुरा फेस-2 में निर्माण को लेकर जारी नोटिस और उसके बाद भी गतिविधियां जारी रहने की शिकायतों ने नगर निगम की फील्ड मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नोटिस जारी करने के बाद अधिकारियों को मौके का नियमित निरीक्षण करना चाहिए। यदि निर्माण नियमों या स्वीकृत अनुमति के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
जोन कमिश्नर बोले- शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
जोन क्रमांक-6 के कमिश्नर हेमंत यादव के मुताबिक, मामले को लेकर स्थानीय रहवासियों के साथ-साथ एक जनप्रतिनिधि की ओर से भी शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर जांच की गई और कथित अनधिकृत निर्माण से जुड़े लोगों को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए।
कमिश्नर ने बताया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने भी नियमानुसार कार्रवाई का दिया भरोसा
रावतपुरा फेस-2 में कथित अवैध निर्माण के मामले को लेकर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे से भी चर्चा की गई। महापौर ने मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि करीब 113 लोगों को नोटिस जारी किए जाने के बाद नगर निगम आगे क्या कदम उठाता है। क्या मौके पर निर्माण गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी और नियमों के विपरीत पाए जाने वाले निर्माणों पर कार्रवाई होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।




