‘धतूरा गैंग’ का पर्दाफाश! जूस में नशा मिलाकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं को बनाते थे शिकार
मीठी बातों में फंसाकर गन्ने के रस में मिलाते थे धतूरे का पाउडर, बेहोश होते ही गहने और नकदी लेकर हो जाते थे फरार।
द्वारका में श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाले एक शातिर ‘धतूरा गैंग’ का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह मीठी बातों में फंसाकर बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को नशे वाला जूस पिलाकर लूटपाट करता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी गन्ने के रस और कोल्ड ड्रिंक में धतूरे का पाउडर मिलाकर श्रद्धालुओं को पिला देते थे, जिससे कुछ ही मिनटों में पीड़ित बेहोश हो जाते थे और आरोपी उनके सोने के गहने व नकदी लूटकर फरार हो जाते थे।
बताया जा रहा है कि यह गैंग खास तौर पर पैदल यात्रा कर रहे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को स्थानीय मददगार बताकर उनसे दोस्ताना बातचीत करते और गर्मी का हवाला देकर उन्हें जूस या कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए कहते थे।
पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों की मदद से इस गिरोह के दो सदस्यों को खंभालिया-पोरबंदर हाईवे के पास रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कालुभाई अमरसीभाई वाघेला और हरेशभाई उर्फ हकलो के रूप में हुई है, जो भावनगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने इनके पास से करीब 3 लाख 14 हजार रुपये का सामान बरामद किया है, जिसमें करीब 3 लाख 5 हजार रुपये कीमत के सोने के छह कान के गहने, दो मोबाइल फोन और नकद राशि शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी कालुभाई पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और गुजरात के कई जिलों में उसके खिलाफ लूट और जहरखुरानी के मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।





