
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने केमिकल के जरिए काले और खराब नोटों को नए नोटों में बदलने तथा रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे जिले के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में कार्रवाई करते हुए गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
रकम दोगुनी करने का दिया जाता था झांसा
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य लोगों को भरोसा दिलाते थे कि विशेष केमिकल की मदद से काले या खराब नोटों को नए नोटों में बदला जा सकता है और इस प्रक्रिया में रकम को दोगुना भी किया जा सकता है।
गिरोह के सदस्य होटल और अन्य स्थानों पर बैठक कर असली नोटों, केमिकल और अन्य सामान का इस्तेमाल कर लोगों को अपनी बात का भरोसा दिलाते थे। विश्वास हासिल करने के बाद केमिकल मंगाने, उसकी जांच करने, सरकारी मंजूरी तथा अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पीड़ितों से अलग-अलग किश्तों में रकम वसूली जाती थी।
वाराणसी के व्यक्ति को ठगने की कोशिश में दबोचे गए
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, नागपुर में पहले गिरफ्तार की गई दो महिला आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने पुणे में करीब एक सप्ताह तक जांच और निगरानी की। पुलिस को खंडाला के एक रिसॉर्ट में गिरोह के सदस्यों के मौजूद होने की जानकारी मिली। यहां आरोपी एक वाराणसी निवासी व्यक्ति को ठगने की कथित तैयारी में थे। बताया गया कि वह व्यक्ति रकम दोगुनी कराने के झांसे में करोड़ों रुपये लेकर वहां पहुंचा था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
4 करोड़ से अधिक नकद और 17 मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक नकद, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार में काटे गए काले कागज, कांच की प्लेटें और केमिकल के इस्तेमाल से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की है। जब्त सामग्री को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
छह राज्यों में 100 से ज्यादा लोगों को बनाया निशाना
जांच में पुलिस को गिरोह की गतिविधियों का दायरा कई राज्यों तक फैला होने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली में 100 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।
गिरोह के खिलाफ रायपुर के तेलीबांधा थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) धोखाधड़ी और 61(2) आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पहले दो महिला आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने नागपुर में एक मामले की जांच के दौरान कनीज़ फातिमा उर्फ भावना पांडे (24) और दीपिका पालीवाल (24) को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, इनसे पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में सफलता मिली।
7 आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी (46), प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी (52), मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर (55), विवेक सिंह (48), शुभम पांडे (37), योगेंद्र चौहान (48) और बालमुकुंद दीक्षित (40) के रूप में हुई है।
सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया। पुलिस के अनुसार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और मनोज कुमार श्रीवास्तव को गिरोह का कथित प्रमुख सदस्य बताया जा रहा है।
पहले भी जेल जा चुके हैं कुछ आरोपी
जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह के कुछ सदस्यों के पूर्व में मुंबई और वाराणसी में आपराधिक मामलों में जेल जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ तथा बरामद डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की ठगी से जुड़े अन्य मामलों का भी पता लगाया जा रहा है।




