
तिल्दा-नेवरा:
ग्राम पंचायत सरोरा में सरकारी राशन नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने बैठक कर यह निर्णय लिया कि जब तक मार्च माह का राशन नहीं मिलेगा, तब तक राशन दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत सरोरा में लगभग 700 परिवार ऐसे हैं, जिनकी रसोई पिछले कई महीनों से सरकारी चावल के इंतजार में है। गरीबों की थाली भरने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) अब सवालों के घेरे में आ गई है।
मंगलवार को सरपंच प्रतिनिधि विश्राम साहू के नेतृत्व में पंचगण और ग्रामीणों ने तहसीलदार राम प्रसाद बघेल को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया। इस दौरान तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए अप्रैल माह का राशन लेने की बात कही और आश्वासन दिया कि मार्च माह का राशन भी जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि खाद्य अधिकारी द्वारा इस संबंध में विभागीय मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है।
भोजन संकट से जूझ रहे गरीब परिवार
सरपंच प्रतिनिधि विश्राम साहू ने बताया कि पिछले महीने भी राशन का वितरण देरी से हुआ था और आधे से ज्यादा हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पाया। इससे कई गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या की जानकारी क्षेत्रीय विधायक, तहसीलदार और फूड इंस्पेक्टर को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला है।
वहीं, राशन दुकान के सेल्समैन रमेश पात्रे का कहना है कि सर्वर डाउन होने के कारण हितग्राहियों के हस्ताक्षर नहीं हो पाए, जिससे वितरण प्रभावित हुआ।
नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी (SDO) कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की है।





