
नई दिल्ली। AMCA Fighter Jet: भारत अब रक्षा तकनीक के क्षेत्र में दुनिया की महाशक्तियों को चुनौती देने की तैयारी में जुट गया है। आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में देश के सबसे बड़े डिफेंस और एयरोस्पेस हब की नींव रखी जा रही है, जहां भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) तैयार होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारत के रक्षा इतिहास का ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 15 मई को श्रीसत्य साईं जिले में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र की आधारशिला रखेंगे। यह सेंटर भारतीय फाइटर जेट प्रोजेक्ट्स के लिए सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग, वैरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन का मुख्य केंद्र बनेगा।
इस अत्याधुनिक केंद्र में लड़ाकू विमान के कंप्यूटर सिस्टम, सेंसर, रडार, मिसाइल वेपन सिस्टम और स्टील्थ तकनीक को एक प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट किया जाएगा। यहीं पर विमान की उड़ान क्षमता, मिशन सिस्टम और स्टील्थ फीचर्स की टेस्टिंग भी होगी। इसके लिए पुट्टपर्थी में 10,000 फीट लंबा रनवे और विशेष फ्लाइंग जोन तैयार किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य 2027 तक AMCA का पहला प्रोटोटाइप तैयार करना और 2028 में उसकी पहली उड़ान कराना है। इस परियोजना के सफल होने के बाद भारत अमेरिका, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों की उस सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अपनी पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ फाइटर जेट तकनीक है।
यह परियोजना सिर्फ रक्षा क्षेत्र ही नहीं बल्कि रोजगार और औद्योगिक विकास के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है। अनुमान है कि इससे 7,500 से अधिक रोजगार पैदा होंगे और आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र देश का बड़ा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभरेगा।




