
नई दिल्ली। Amit Shah ने नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठक में देश में संभावित बाढ़ और Heat Wave से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में आपदा प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश को “Zero Casualty Disaster Management” की दिशा में कार्य करना होगा, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण National Disaster Management Authority (NDMA) को निर्देश दिए कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में जोखिम भरी झीलों के लिए विकसित की जा रही पूर्व चेतावनी प्रणाली में 30 की जगह कम से कम 60 झीलों को शामिल किया जाए।
गृह मंत्री ने कहा कि देश के हर राज्य में Flood Crisis Management Team (FCMT) का गठन कर उसे सक्रिय किया जाना चाहिए, ताकि बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर NDMA के दिशानिर्देशों के पालन की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में Heat Wave से कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान को कम करने पर विशेष जोर दिया गया। श्री शाह ने कहा कि जल संचय, चेक डैम्स और जल संरक्षण परियोजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि भू-जल स्तर में सुधार हो सके और सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटा जा सके।
उन्होंने CAMPA Fund का उपयोग पर्यावरण संतुलन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रयासों को बहुआयामी बनाने के लिए करने की बात कही। साथ ही कहा कि मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक और प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि लोगों तक समय रहते सही जानकारी पहुंच सके।
गृह मंत्री ने कहा कि अब नए-नए ऐप और पोर्टल बनाने के बजाय मौजूदा प्लेटफॉर्म को मजबूत और बेहतर बनाया जाए। उन्होंने “Whole of Government” और “Whole of Society” दृष्टिकोण अपनाकर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में आगामी मॉनसून को लेकर पूर्वानुमानों, बाढ़ से होने वाली क्षति और कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान के अध्ययन पर भी चर्चा हुई। सरकार ने वर्षा और बाढ़ पूर्वानुमान की अवधि को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन करने तथा Heat Wave पूर्वानुमान प्रणाली को और अधिक सटीक बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक में C. R. Patil, गृह सचिव, विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, National Disaster Response Force (NDRF), India Meteorological Department (IMD), National Highways Authority of India (NHAI), केंद्रीय जल आयोग और राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र के अधिकारी भी उपस्थित




