
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी इस वर्ष 13 मई 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। श्रद्धालुओं के बीच यह भ्रम बना हुआ है कि व्रत 12 मई को रखा जाए या 13 मई को, लेकिन उदया तिथि के अनुसार एकादशी व्रत 13 मई को मान्य होगा।
पंचांग के मुताबिक एकादशी तिथि की शुरुआत 12 मई 2026 को दोपहर 2:54 बजे से होगी और यह 13 मई 2026 को दोपहर 1:30 बजे तक रहेगी। वहीं व्रत का पारण 14 मई 2026 को सुबह 5:31 बजे से 8:14 बजे के बीच किया जाएगा।
क्या है अपरा एकादशी की महिमा?
सनातन धर्म में अपरा एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखने पर व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
पुराणों में उल्लेख मिलता है कि अपरा एकादशी का व्रत करने से तीर्थ स्नान, दान और यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी धर्मराज युधिष्ठिर को इस व्रत की महिमा बताते हुए कहा था कि यह व्रत बड़े से बड़े दोषों और पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
ऐसे करें व्रत
प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा करें
व्रत का संकल्प लें
दिनभर सात्विकता और संयम का पालन करें
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
अगले दिन शुभ मुहूर्त में पारण करें
इन बातों का रखें ध्यान
व्रत के दौरान तामसिक भोजन, क्रोध, झूठ और विवाद से बचना चाहिए। लहसुन, प्याज और अनाज का सेवन नहीं किया जाता।

2026 की प्रमुख एकादशी तिथियां
अपरा एकादशी — 13 मई 2026
निर्जला एकादशी — 25 जून 2026
योगिनी एकादशी — 10 जुलाई 2026
देवशयनी एकादशी — 25 जुलाई 2026




