शौर्य इस्पात बहेसर की जांच के लिए पहुंचे पर्यावरण विभाग के अधिकारी, डंपिंग व प्रदूषण की शिकायतों की हुई जांच

तिल्दा-नेवरा।
ग्राम बहेसर एवं बरतोरी के ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा पर्यावरण प्रदूषण, अवैध डंपिंग एवं औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी शिकायत किए जाने के बाद पर्यावरण विभाग की टीम ने शौर्य इस्पात, बहेसर एवं आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शौर्य इस्पात, बहेसर द्वारा प्लांट मैटेरियल एवं औद्योगिक अपशिष्ट का कथित रूप से ग्राम बरतोरी क्षेत्र की निजी एवं सरकारी भूमि पर डंपिंग किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना उचित अनुमति के किए जा रहे इस डंपिंग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है तथा लगातार उड़ रही धूल से क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि डंपिंग के कारण आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। किसानों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि उड़ती धूल का असर कृषि भूमि एवं फसलों पर पड़ रहा है। साथ ही निजी एवं सरकारी भूमि पर किए जा रहे कथित डंपिंग की वैधता की जांच की मांग की गई।
निरीक्षण के दौरान पर्यावरण विभाग की टीम ने डंपिंग स्थलों एवं प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर शिकायतों को दर्ज किया। अधिकारियों ने मौके से आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेजों का भी संकलन किया।
पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि निरीक्षण में प्राप्त तथ्यों को गंभीरता से लिया गया है तथा पर्यावरणीय नियमों एवं अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित उद्योग प्रबंधन को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि अवैध डंपिंग को तत्काल बंद कराया जाए, निजी एवं सरकारी भूमि पर किए गए डंपिंग की निष्पक्ष जांच हो तथा पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच प्रतिवेदन को सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी उद्योग का विरोध करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशासन से पर्यावरण एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराने की मांग की।
जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जांच के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण एवं अवैध डंपिंग जैसे गंभीर मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पर्यावरण विभाग निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा तथा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।




