Security Update: “सीमा पर सरसराहट या रणनीति? पानी के नीचे छिपा वो प्लान, जिसने सबको चौंकाया”
बॉर्डर पर ‘सांप-मगरमच्छ’ छोड़ने का प्लान? BSF की रणनीति पर मचा बवाल
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों पर लगाम कसने के लिए बीएसएफ ने एक अनोखे और चौंकाने वाले प्रस्ताव पर विचार किया है, जिसमें नदी वाले संवेदनशील इलाकों में सांप और मगरमच्छ जैसे जीव छोड़ने की संभावना पर चर्चा हुई, हालांकि इस योजना को अभी तक कोई मंजूरी नहीं मिली है।
फरवरी में महानिदेशक प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस आइडिया की व्यवहार्यता पर बात हुई थी और 4096 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात इकाइयों से राय भी मांगी गई, लेकिन कई स्थानीय कमांडरों ने इसे अव्यावहारिक बताया क्योंकि सीमा से लगे इलाकों में आबादी रहती है और बाढ़ के समय ये जीव आम लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रारंभिक विचार था, जबकि सीमा सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और निगरानी उपकरणों के इस्तेमाल जैसे अन्य ठोस प्रस्तावों पर भी काम चल रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस सीमा का करीब 856 किलोमीटर हिस्सा अब भी बिना बाड़ के है, जहां घने जंगल और नदियां सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, यही कारण है कि बीएसएफ लगातार नए उपाय तलाश रहा है, लेकिन ‘सांप-मगरमच्छ’ वाला प्लान फिलहाल सिर्फ चर्चा तक ही सीमित है।





