
बेमेतरा।
जिले में आयोजित डीएलएड (D.El.Ed.) परीक्षा के दौरान गुरुवार को उस समय भावुक और हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जब कई छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेमेतरा और लक्ष्मण प्रसाद वैद्य कन्या महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के बाहर दर्जनों छात्र-छात्राएं रोते-बिलखते नजर आए। छात्रों का आरोप है कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच चुके थे, लेकिन केंद्र प्रबंधन ने निर्धारित समय से पहले ही मुख्य गेट बंद कर दिया, जिसके कारण उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ा।

कई छात्र हाथ जोड़कर अंदर जाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों और केंद्र प्रभारियों ने किसी की एक नहीं सुनी। कुछ छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल ड्रेस कोड का हवाला देकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि मामूली देरी या निर्धारित ड्रेस नहीं होने जैसी वजहों से उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया।

परीक्षा केंद्र के बाहर छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई छात्राएं फूट-फूटकर रोती रहीं और प्रशासन से न्याय की मांग करती नजर आईं। विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि उनके भविष्य को देखते हुए परीक्षा में शामिल होने का एक और अवसर दिया जाए।

घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और परीक्षा केंद्रों में अपनाई जा रही सख्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन छात्रों की इस पीड़ा पर क्या फैसला लेता है।




