कोरियाछत्तीसगढ़

चोरी करते पकड़ाया राजीव पंजियारा, FIR दर्ज, कॉपीराइट सामग्री के अवैध प्रसारण मामले में कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, प्रकरण में कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63, 65, 66 सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं लगाई गई हैं

कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में इंटरनेट आधारित टीवी (IPTV) के जरिए कथित रूप से कॉपीराइट सामग्री के अवैध प्रसारण के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Jio Star India Pvt. Ltd. की शिकायत पर बैकुंठपुर पुलिस ने सिटीनेट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के संचालक राजीव पंजियारा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 303, 314 एवं कॉपीराइट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, प्रकरण में कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63, 65, 66 सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं लगाई गई हैं जो कि गैरजमानती है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। कभी भी राजीव पंजियारा की गिरफ्तारी की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने कंट्रोल रूम में छापा मारकर यह कार्रवाई की है। वहीं आरोपी राजीव पंजियारा की पत्नी जो कि सिटीनेट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर है उनके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करने का विचार कर रही है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिटीनेट Infra Pvt. Ltd. द्वारा संचालित नेटवर्क के माध्यम से IPTV प्लेटफॉर्म पर JioHotstar और विभिन्न टीवी चैनलों की कॉपीराइट सामग्री बिना वैध अनुमति के ग्राहकों तक पहुंचाई जा रही थी। कंपनी की ओर से नियुक्त जांच एजेंसी द्वारा की गई तकनीकी जांच और रिकॉर्डिंग के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

FIR के अनुसार जांच के दौरान IPTV एप्लिकेशन के माध्यम से कई मनोरंजन, खेल, फिल्म और बच्चों के चैनलों का कथित रूप से अवैध पुनः प्रसारण पाया गया। दस्तावेजों में Star Plus, Star Bharat, Star Utsav, Colors, Star Sports, Star Gold सहित कई प्रमुख चैनलों का उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ता कंपनी का दावा है कि उसके पास इन चैनलों और OTT सामग्री के प्रसारण, स्ट्रीमिंग और सार्वजनिक संप्रेषण के कोई विशेष कॉपीराइट अधिकार नहीं हैं। बिना अनुमति ऐसी सामग्री का वितरण कॉपीराइट अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन है। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है। जांच के दौरान जब्त इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, रिकॉर्डिंग और तकनीकी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

 

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!