
तिल्दा-नेवरा।
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा द्वारा पत्रकार सम्मान समारोह एवं “वैश्विक शांति की आवश्यकता : मीडिया की भूमिका” विषय पर विशेष परिचर्चा का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी रहे, जिन्हें पत्रकारिता क्षेत्र में लगभग 50 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। उनके साथ वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल एवं विशाल भाई भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तिल्दा प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोती ज्ञानचंदानी, संरक्षक गौरीशंकर सैनी, छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र रथ गौरव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। बालिकाओं खुशी एवं श्याम्भवी ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर अतिथियों का स्वागत किया, वहीं अंजू बहन एवं बिंदु बहन ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सबसे बड़ी पूंजी उनकी विश्वसनीयता होती है और यही लोकतंत्र में मीडिया की पहचान है। उन्होंने कस्बाई पत्रकारिता को भारतीय पत्रकारिता की आत्मा बताते हुए निष्पक्ष एवं जनहितकारी पत्रकारिता को समय की आवश्यकता बताया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व तनाव और संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मकता और शांति की दिशा में प्रेरित करना भी है।
तिल्दा प्रेस क्लब के संरक्षक गौरीशंकर सैनी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच पत्रकारों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। पत्रकार अपनी लेखनी से समाज में संवाद, समाधान और शांति का संदेश पहुंचा सकते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल ने कहा कि “जब हम बदलेंगे, तब विश्व बदलेगा” का संदेश आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने पत्रकारों से सत्यनिष्ठ और लोकमंगल की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। वहीं वरिष्ठ पत्रकार विशाल भाई ने सकारात्मक चिंतन को जीवन और समाज के लिए आवश्यक बताया।
छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र रथ गौरव ने कहा कि विश्व शांति का आधार आत्मशांति है और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना आज पूरे विश्व को जोड़ने का संदेश देती है।
कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा की संचालिका बीके प्रियंका ने किया। उन्होंने कहा कि राजयोग और आध्यात्मिक ज्ञान जीवन की समस्याओं का समाधान प्रदान करते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।
अंत में पार्षद रानी सौरभ जैन ने सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों एवं पत्रकारों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन को पत्रकारिता में सकारात्मकता, नैतिक मूल्यों और वैश्विक शांति के संदेश को बढ़ावा देने वाला प्रेरणादायी प्रयास बताया गया।




